भोजन प्रसादी
उनकी पावन स्मृति में आपकी स्नेहमयी उपस्थिति एवं श्रद्धांजलि हमारे परिवार को संबल प्रदान करेगी।
उनकी सीख, हमारी धरोहर
उन्होंने अपना सम्पूर्ण जीवन सादगी, सेवा, अनुशासन, स्नेह और परिवार के मूल्यों को समर्पित किया। वे अपने लिए कम और अपनों के लिए अधिक जीने वाले, सहज, विनम्र और अनुकरणीय व्यक्तित्व थे। उनका सान्निध्य हमारे लिए आश्रय, उनका आशीर्वाद हमारी शक्ति और उनकी स्मृतियाँ हमारे लिए अमूल्य धरोहर रहेंगी।
धोती की सादगी में प्रेम का असीम विस्तार था,
उनकी उपस्थिति से घर का हर कोना आबाद था।
नाती-पोतों के मन में साहस और संस्कार बोते रहे,
अपने शांत आशीष से हर पीढ़ी को संभालते रहे।
आज वे आँखों से ओझल हैं, पर हर धड़कन में बसे हुए हैं,
उनकी सीख और अनुशासन हमारे जीवन में सदा बने हैं।
उनकी मीठी मुस्कान, उनका अपनापन, उनकी वाणी,
स्मृतियों में सदा बहती रहेगी उनकी जीवन कहानी।
पीढ़ियाँ बदलीं, समय बदला — उनके संस्कार नहीं।
हमारा परिवार
उनके साथ आपकी एक तस्वीर
यदि आपके पास श्री ओम प्रकाश जी के साथ कोई तस्वीर है, तो अपने नाम के साथ यहाँ भेजें। सभी तस्वीरें 4 अक्टूबर को प्रसादी स्थल पर स्क्रीन पर श्रद्धापूर्वक दिखाई जाएँगी।
आपका आशीर्वाद ही उनके प्रति
हमारी सच्ची श्रद्धांजलि है।
— शोकाकुल परिवार —
